नई दिल्ली: आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में केवल जड़ी-बूटियों ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक धातुओं और खनिजों से बनी औषधियों का भी विशेष स्थान रहा है। सदियों से विभिन्न रोगों के उपचार में इन तत्वों का प्रयोग किया जाता रहा है। इन्हीं औषधियों में हीरा भस्म, जिसे हीरक भस्म या वज्र भस्म भी कहा जाता है, एक अत्यंत दुर्लभ और प्रभावशाली औषधि मानी जाती है।

आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर के तीनों दोषों—वात, पित्त और कफ—को संतुलित करती है और कई पुरानी तथा गंभीर बीमारियों में लाभ पहुंचाती है।

हीरा भस्म को आयु बढ़ाने वाली और जीवन की गुणवत्ता सुधारने वाली औषधि माना जाता है। प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख एक शक्तिवर्धक टॉनिक के रूप में मिलता है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है। इसका उपयोग लंबे समय से कैंसर, ट्यूमर, तपेदिक, मधुमेह, मोटापा और पुरानी एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है।

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार यह औषधि शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में मदद करती है और रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाती है।

इस भस्म को तैयार करने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और समय लेने वाली होती है। शुद्ध हीरे को चुनकर उसमें रस सिंदूर और शुद्ध गंधक की समान मात्रा मिलाई जाती है और उसे बहुत बारीक पीसा जाता है। इसके बाद इस मिश्रण को हवा रहित पात्र में रखकर विशेष ताप प्रक्रिया से गुजारा जाता है।

यह प्रक्रिया लगभग 14 बार दोहराई जाती है ताकि हीरे के कठोर तत्व औषधीय गुणों में परिवर्तित हो सकें। इसी कारण यह भस्म अत्यंत मूल्यवान मानी जाती है और इसकी कीमत भी हीरे की शुद्धता के अनुसार तय होती है।

स्वास्थ्य लाभों की बात करें तो हीरा भस्म हृदय को मजबूत बनाने और रक्त संचार को बेहतर करने में सहायक मानी जाती है। यह अस्थमा, सूजन, मधुमेह, मोटापा और बांझपन जैसी समस्याओं में भी उपयोगी है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह एक टॉनिक की तरह काम करती है और शरीर में ऊर्जा व स्फूर्ति बढ़ाती है।

इसके अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी बताई जाती है। स्मरण शक्ति बढ़ाने, एकाग्रता सुधारने और मस्तिष्क को तेज बनाने में इसका योगदान माना जाता है। कैंसर, गठिया और अस्थि मज्जा से जुड़े रोगों में भी आयुर्वेद में इसके प्रयोग का उल्लेख मिलता है। पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर करने और संपूर्ण स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में भी हीरा भस्म को उपयोगी माना गया है। (With inputs from IANS)

IANSDiamond BhasmaVajra Bhasmaimmune booster

Topic:

हीरा भस्म शरीर को मजबूत बनाने के साथ कैंसर, गठिया और हृदय रोगों में सहायक मानी जाने वाली एक आयुर्वेदिक औषधि है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.