आपकी पूरी सेहत तय करने में डाइट की अहम भूमिका होती है. फैटी लिवर जैसी बीमारियों से बचने के लिए यह एक्सरसाइज़ जितनी ही जरूरी है. फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में ज़्यादा फैट जमा हो जाता है. लिवर इंसान के शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है, जो कई कामों के लिए ज़िम्मेदार होता है, जैसे शरीर से ज़हरीले पदार्थ निकालना, फैट को पचाना, पित्त बनाना, ब्लड शुगर को कंट्रोल करना, और भी बहुत कुछ. 24 साल से ज़्यादा का अनुभव रखने वाले सीनियर डायबिटीज़ विशेषज्ञ डॉ. बृजमोहन अरोड़ा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फैटी लिवर के कुछ कारणों के बारे में बताया.

डाइट में किन चीज़ों को शामिल करना चाहिए

उन्होंने यह भी बताया कि डाइट में किन चीज़ों को शामिल करना चाहिए और किन चीजों को हटा देना चाहिए.उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बीमारी सिर्फ़ कैलोरी या वज़न से जुड़ी नहीं है. उन्होंने कहा, इसके असली कारण हैं ज़्यादा फ्रुक्टोज़, इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की गड़बड़ी, न कि सिर्फ शरीर में फैट का प्रतिशत." उन्होंने आगे कहा कि दुबले-पतले लोगों को भी यह बीमारी हो सकती है, जिसकी वजह है शरीर के अंदर की सूजन और इंसुलिन से होने वाला नुकसान.

डायबिटीज़ विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि ज़्यादा चीनी खाने से लिवर उसे फैट में बदल देता है. यह फैट धीरे-धीरे जमा होता रहता है, जिससे सूजन होती है, और इस वजह से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या और भी बढ़ जाती है. तो, इससे बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं? उन्होंने रिफाइंड शुगर (खासकर HFCS), शराब (भले ही आप कभी-कभार पीते हों) और बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट को डाइट से हटाने का सुझाव दिया. लेकिन बात सिर्फ डाइट से कुछ चीजें हटाने की नहीं है. उन्होंने कहा, "आप डाइट में क्या शामिल करते हैं, यह इस बात से ज़्यादा मायने रखता है कि आप क्या हटाते हैं."

अपनी डाइट में इन चीज़ों को शामिल करें

डॉ. अरोड़ा ने डाइट में फाइबर की अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप अपनी मर्ज़ी से चुनें या छोड़ दें, बल्कि यह एक तरह का इलाज है." फाइबर इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने, लिवर में जमा फैट को कम करने और पेट के अंदर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (गट माइक्रोबायोम) को पोषण देने में मदद करता है. डॉ. अरोड़ा के अनुसार, "आपको हर दिन लगभग 25 ग्राम फाइबर लेने का लक्ष्य रखना चाहिए."

शरीर की सूजन कम करने वाले (एंटी-इंफ्लेमेटरी) खाने की चीजों को डाइट में शामिल करना भी उतना ही जरूरी है. उनके अनुसार, ओमेगा-3 फैट और पॉलीफेनोल से भरपूर खाने की चीज़ें लिवर की सूजन को कम करती हैं और शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाती हैं. ऐसी कुछ चीज़ों के उदाहरण हैं, जैसे सैल्मन और सार्डिन जैसी फैटी मछलियां, अखरोट, अलसी के बीज, बेरीज, ग्रीन टी और हरी पत्तेदार सब्जियां.

इसके अलावा, डॉ. अरोड़ा ने यह भी सलाह दी कि सोने से 2 से 3 घंटे पहले कुछ भी न खाएं. उन्होंने आखिर में कहा, "आपका लिवर रात के समय खुद को ठीक करता है, लेकिन ऐसा तभी हो पाता है जब आप उस समय कुछ खा नहीं रहे हों. आपका लिवर पूरी तरह से ठीक हो सकता है, बशर्ते आप उसे ठीक होने के लिए सही माहौल और पोषण दें.

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लिवर इंसान के शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है, जो कई कामों के लिए जिम्मेदार होता है, जैसे शरीर से ज़हरीले पदार्थ निकालना आदि.
Priya Gupta
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Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative