नई दिल्ली: कभी-कभी छोटे बच्चे दिनभर ठीक से खेलते और खाते हैं, लेकिन रात में सोते समय अक्सर डर या बेचैनी के कारण बार-बार जाग जाते हैं और उनकी नींद में खलल पड़ता है।ऐसे में पूरी रात बच्चा चिड़चिड़ा महसूस करता है और नींद भी पूरी नहीं होती।

आयुर्वेद में इस परेशानी को तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़कर देखा गया है और इसके बारे में गहराई से बताया गया है। अगर बच्चे को रात के समय नींद में किसी तरह की परेशानी होती है तो आयुर्वेद में बच्चे को थोड़े से घी में गुड़ मिलाकर चटाने की सलाद दी जाती है।

यह काम रात को सोते समय ही करना चाहिए। ऐसा करने से बच्चा गहरी नींद में सोता है और बार-बार नींद टूटने की परेशानी भी नहीं होती है। आयुर्वेद में घी को मन और स्नायु को शांत करने वाला माना गया है जबकि थोड़ा सा गुड़ शरीर को हल्की ऊर्जा और स्थिरता देने में सहायक माना जाता है।

रात के समय शरीर में वात भी अधिक बनता है, ऐसे में बच्चे की नींद प्रभावित होती है। घी वात को संतुलित रखने में मदद करता है और गहरी नींद लाने में सहायक है। इसके साथ ही घी तंत्रिका तंत्र को भी शांत करता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है और नींद लाने वाले हॉर्मोन भी अच्छे से बनते हैं। इसके अलावा, बच्चे की दिनचर्या में और बदलाव लाने की जरूरत है।

अगर बच्चा मोबाइल अधिक देखता है तो रात को बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करें। अत्याधिक मोबाइल देखने की वजह से मस्तिष्क को लगता है कि अभी नींद का समय नहीं हुआ है और वह एक्टिव मोड में रहता है। यही कारण है कि मस्तिष्क कार्य करने की स्थिति में रहता है। इसलिए रात के समय बच्चे को मोबाइल से दूर रखें और आस-पास के वातावरण को शांत रखने की कोशिश करें।

अगर बच्चा रात के समय ज्यादा डरता है और इस आयुर्वेदिक नुस्खे से भी आराम नहीं मिल पाता है तो तुरंत बाल विशेषज्ञ की सलाह लें। कई बार बच्चे अन्य परेशानियों की वजह से भी नहीं सो पाते हैं। (With inputs from IANS)

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जानें आसान आयुर्वेदिक उपाय, जिनसे बच्चे जल्दी सो सकें और रात भर आरामदायक नींद ले सकें।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.