नई दिल्ली: आंवला सर्दियों में मिलने वाला एक ऐसा प्राकृतिक फल है, जिसे आयुर्वेद में औषधियों का खजाना माना गया है। इसे “अमृत फल” भी कहा जाता है, क्योंकि इसके नियमित सेवन से शरीर कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रह सकता है। आंवला न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, बल्कि रक्त को शुद्ध करने, पाचन सुधारने, त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

आमतौर पर लोग आंवले का रस पीते हैं या कच्चा आंवला खाने की कोशिश करते हैं, लेकिन बहुत से लोगों को इसका खट्टा और कसैला स्वाद पसंद नहीं आता। ऐसे में आंवले का पानी यानी आंवला जल एक बेहतरीन और आसान विकल्प साबित हो सकता है, जो स्वाद में हल्का होने के साथ-साथ उतना ही लाभकारी भी होता है।

आयुर्वेद के अनुसार आंवला त्रिदोष—वात, पित्त और कफ—को संतुलित करने वाला फल है। इसका नियमित सेवन शरीर की आंतरिक सफाई करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। आंवला जल शरीर की गर्मी को शांत करता है, अम्लता की समस्या को कम करता है और पेट से जुड़ी कई परेशानियों जैसे गैस, जलन और अपच में राहत देता है। इसके अलावा यह शरीर में ओज का निर्माण करता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और थकान कम महसूस होती है।

आंवला जल तैयार करने की विधि भी बेहद सरल है। इसके लिए रात में एक या दो आंवले को कद्दूकस कर लें या छोटे टुकड़ों में काटकर एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को हल्का उबाल लें और छानकर खाली पेट सेवन करें। नियमित रूप से करीब एक महीने तक इसका सेवन करने से शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं।

यह पानी न केवल पाचन और रक्त शुद्धि में सहायक है, बल्कि त्वचा को साफ और चमकदार बनाने तथा बालों को झड़ने से रोकने में भी मदद करता है। आंवले में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और उम्र बढ़ने के प्रभाव को धीमा करते हैं।

हालांकि कुछ लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है या जिन्हें सर्दी, खांसी और कफ की समस्या रहती है, उन्हें आंवला जल या रस से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और यह कफ को बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर, आंवला जल एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है, जिसे सही तरीके से अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य पाया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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आंवला पानी शरीर की सफाई, पाचन सुधार और रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.